Thursday 21st, May 2026 Back

शेयर बाजार में निवेश की रणनीति - Jubilant FoodWorks Share Price में भूचाल, HSBC और Jefferies के फैसले से शेयर टूटा

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Jubilant FoodWorks Share Price: Q4 नतीजों के बाद HSBC ने रेटिंग घटाई, Jefferies ने कम किया टारगेट प्राइस, शेयर 8% तक टूटा

भारत की सबसे बड़ी क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) कंपनियों में शामिल Jubilant FoodWorks के शेयरों में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी के Q4 FY26 नतीजों और कमजोर ग्रोथ संकेतों के बाद ब्रोकरेज हाउस HSBC और Jefferies ने स्टॉक पर अपना नजरिया सावधानीपूर्ण कर दिया, जिसके चलते शेयर करीब 8% तक टूट गया।


क्यों टूटा Jubilant FoodWorks का शेयर?

कंपनी ने मार्च तिमाही में राजस्व और मुनाफे में अच्छी बढ़त दर्ज की, लेकिन निवेशकों की चिंता “Same Store Sales Growth (SSSG)” को लेकर बढ़ गई। Domino’s India का Like-for-Like (LFL) growth सिर्फ 0.2% रहा, जो बाजार की उम्मीदों से काफी कमजोर माना गया।

विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी को ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए लगातार डिस्काउंट और ऑफर्स देने पड़ रहे हैं, जिससे आने वाले समय में मार्जिन पर दबाव बन सकता है। इसी वजह से बाजार में बिकवाली तेज हुई।


HSBC ने घटाई रेटिंग

ग्लोबल ब्रोकरेज HSBC ने Jubilant FoodWorks की रेटिंग को “Buy” से घटाकर “Hold” कर दिया। हालांकि ब्रोकरेज ने ₹530 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है।

HSBC के अनुसार:

* कंपनी की underlying demand momentum कमजोर हुई है।

* Q1FY27 में मांग थोड़ी बेहतर दिख रही है, लेकिन वह भी promotional activities पर आधारित है।

* कंपनी को growth और margins के बीच संतुलन बनाने में चुनौती आ सकती है।

* बढ़ती inflation भी आने वाले समय में दबाव बना सकती है।


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Jefferies ने टारगेट प्राइस में बड़ी कटौती की

वहीं, Jefferies ने स्टॉक पर “Buy” रेटिंग बनाए रखी, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹850 से घटाकर ₹600 कर दिया।

Jefferies का कहना है कि:

* Q4 प्रदर्शन में मजबूत turnaround के संकेत नहीं मिले।

* Same-store sales लगभग flat रही।

* निवेशकों का फोकस अब तेजी से consumer tech platforms की ओर बढ़ रहा है।

* कंपनी की short-term margin outlook अभी भी cautious बनी हुई है।


Q4FY26 में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा?


कंपनी ने तिमाही के दौरान मजबूत revenue growth दर्ज की:

* Revenue: ₹2,499 करोड़ (19.3% YoY growth)

* Net Profit: ₹824 करोड़

* EBITDA: ₹484.9करोड़

* EBITDA Margin: 19.4%

हालांकि, बाजार की नजर revenue से ज्यादा demand quality और store growth sustainability पर थी।


Domino’s India का प्रदर्शन चिंता का कारण

Domino's Pizza ब्रांड भारत में Jubilant FoodWorks की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है, लेकिन इस बार कमजोर LFL growth ने निवेशकों को निराश किया। कंपनी ने तिमाही में 59 नए Domino’s स्टोर जोड़े, लेकिन ग्राहक खर्च में अपेक्षित तेजी नहीं दिखी।

इसके अलावा कंपनी ने हाल ही में Dunkin' फ्रेंचाइजी बिजनेस से बाहर निकलने का फैसला भी लिया है, क्योंकि यह लगातार घाटे में चल रहा था।


निवेशकों को आगे क्या देखना चाहिए?

विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाली तिमाहियों में निवेशकों की नजर इन बातों पर रहेगी:

* Domino’s India की demand recovery

* Same-store sales growth में सुधार

* Margin expansion की sustainability

* Delivery और dine-in business mix

* Inflation और input cost trends

यदि कंपनी आने वाली तिमाहियों में demand momentum सुधारने में सफल रहती है, तो स्टॉक में recovery देखने को मिल सकती है। फिलहाल brokerage sentiment cautious बना हुआ है।


निष्कर्ष

Jubilant FoodWorks के Q4 नतीजे mixed रहे। Revenue और profit growth मजबूत रही, लेकिन कमजोर same-store sales growth और cautious brokerage outlook ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। HSBC की rating downgrade और Jefferies द्वारा target price cut के बाद शेयर में तेज गिरावट देखने को मिली। आने वाले समय में कंपनी की demand recovery और margin performance स्टॉक की दिशा तय करेगी।


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